- उम्र कैद की सजा का मतलब होता है कि आपको जेल में बंद रखा जाता है और आपकी स्वतंत्रता सीमित होती है। उम्र कैद की सजा आमतौर पर गंभीर अपराधों के लिए अदालत द्वारा आवश्यक समय या आयु सीमा के आधार पर तय की जाती है।
- उम्र कैद सिर्फ़ 14 साल की नहीं होती है। यह सजा आयु सीमा और अपराध की प्रकृति पर निर्भर करती है। कुछ देशों में उम्र कैद की सजा की आयु सीमा अधिक हो सकती है।
- भारत में उम्र कैद की सजा को लेकर लोगों के बीच भ्रांतियां हैं। उम्र कैद का मतलब होता है जीवनभरी कारावास, न कि केवल 14 साल।
- कोर्ट उस आरोपी को सजा सुनाता है जिसका जुर्म साबित हो गया होता है, और आरोपी को विधि के अनुसार सजा दी जाती है। यह सजा जेल, फांसी या उम्र कैद की भी हो सकती है।
- फांसी की सजा सीधे मौत होती है, लेकिन आरोपी अपील कर सकता है और उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय तक जा सकता है।
- उम्रकैद की सजा जीवनभरी होती है और रिहाई के लिए निर्धारित समय सीमा नहीं है। सजा के बाद भी आरोपी को समीक्षा समिति के सामने भेजा जा सकता है और सजा में कमी की जा सकती है।
- जेल में दिन और रात को अलग-अलग नहीं गिना जाता है। एक दिन का मतलब होता है 24 घंटे ही होता है।
- जेल में सजा के दौरान दिन और रात्रि समय अलग-अलग गिने जाते हैं यह एक गलत धारणा है। जेल में रहने की समय गणना 24 घंटे के आधार पर की जाती है।
- उम्र कैद की सजा के दौरान जेल में रहने की अवधि आपके अपराध, आयु और अन्य तत्वों पर निर्भर करेगी। उम्रकैद का मतलब होता है कि आप जीवनभर कारावास में रहेंगे।
- उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद आरोपी को जेल से मुक्त नहीं किया जाता है। सजा पूरी होने के बाद आरोपी के मामले को स्थिति समीक्षा समिति के पास भेजा जाता है और उसके आधार पर सजा को अदालत द्वारा निर्धारित किया जाता है।
- उम्रकैद की सजा पाने वाले आरोपी को कम से कम न्यूनतम आयु कारावास में रहना होता है, जो आपके अपराध, आरोपी के व्यवहार और अन्य तत्वों पर निर्भर करेगा।
उम्रकैद की सजा आरोपी के अपराध के गंभीरता के आधार पर तय की जाती है। यदि आरोपी गंभीर अपराधों में दोबारा फंस जाता है या जनसाधारण के लिए खतरा पैदा करता है, तो उसकी सजा बढ़ सकती है।